सेवाएँ
शिवम मेडिकेयर में जनरल मेडिसिन, डायबिटीज़, थायरॉयड और एंडोक्राइन से जुड़ी समस्याएँ, और फ़िज़िशियन की निगरानी में हार्ट की देखभाल — इन सब के लिए कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स और नियमित इलाज उपलब्ध है।
जनरल मेडिसिन
बड़ों के लिए रोज़मर्रा का मेडिकल इलाज — बुख़ार, खाँसी, इन्फ़ेक्शन, पेट की समस्याएँ, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, सिरदर्द, बदन दर्द, और वो आम तकलीफ़ें जो फ़ैमिली डॉक्टर के पास ले आती हैं। लंबे समय से चल रही बीमारियों का फ़ॉलो-अप और जो दवाएँ आप पहले से ले रहे हैं उनकी समीक्षा भी यहाँ होती है।
डायबिटीज़ की देखभाल
डायबिटीज़ का मतलब है ख़ून में ग्लूकोज़ — यानी शुगर — ज़रूरत से ज़्यादा रहना। ध्यान न दें तो यह धीरे-धीरे आँख, किडनी, नसों और हार्ट को नुक़सान पहुँचाता है। जल्दी पकड़ में आ जाए और सही से सँभाला जाए तो ज़्यादातर मरीज़ बिना ख़ास रोक-टोक के पूरी ज़िंदगी जी सकते हैं।
क्लीनिक में जिन तरह के डायबिटीज़ का इलाज होता है:
- टाइप 1 (इंसुलिन पर निर्भर) डायबिटीज़
- टाइप 2 (इंसुलिन पर निर्भर नहीं) डायबिटीज़
- गर्भावस्था का डायबिटीज़ (जेस्टेशनल)
- प्री-डायबिटीज़ — शुगर बढ़ रही है पर अभी डायबिटीज़ नहीं
इलाज में क्या-क्या होता है:
- नियमित एचबीए1सी, फ़ास्टिंग और खाने के बाद की शुगर की जाँच
- ज़रूरत के मुताबिक़ इंसुलिन का डोज़ तय करना और पेन-इंजेक्शन सिखाना
- ग्लूकोमीटर की ट्रेनिंग — घर पर कब, कैसे, और नंबर का क्या मतलब
- आपकी दिनचर्या के हिसाब से डाइट और एक्सरसाइज़ का प्लान
- किडनी, आँख, पैर और नसों से जुड़ी जटिलताओं की नियमित जाँच
ध्यान देने वाले लक्षण: बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, भूख बढ़ना, जल्दी थक जाना, बिना कोशिश वज़न घटना, धीरे भरने वाले घाव, स्किन सूखी-खुजली वाली, पैरों में झनझनाहट, या धुँधला दिखना।
थायरॉयड और एंडोक्राइन की देखभाल
थायरॉयड गले में स्थित एक छोटी ग्रंथि है जो शरीर की कई घड़ियाँ चलाती है — ऊर्जा, वज़न, मूड, नींद, माहवारी, यहाँ तक कि कोलेस्ट्रॉल भी। जब यह धीमी पड़ जाती है (हाइपोथायरॉयडिज़म) या ज़्यादा तेज़ चलने लगती है (हाइपरथायरॉयडिज़म), तो लक्षण रोज़मर्रा की थकान जैसे लगते हैं और सालों तक नज़रंदाज़ हो जाते हैं। एक साधारण ब्लड टेस्ट आमतौर पर जवाब दे देता है।
यहाँ जिनकी जाँच और इलाज होता है:
- हाइपोथायरॉयडिज़म और हाइपरथायरॉयडिज़म
- थायरॉयड नोड्यूल, सिस्ट, और कैंसर का शक
- गॉयटर और ऑटोइम्यून थायरॉयड — हाशिमोटोज़ और ग्रेव्ज़
- गर्भावस्था के दौरान थायरॉयड की समस्या
- हाइपरपैराथायरॉयडिज़म और अन्य हॉर्मोनल असंतुलन
डॉक्टर से मिलने लायक़ सामान्य लक्षण:
- थकान और बिना कारण वज़न में बदलाव
- लगातार सूखी स्किन, बेजान बाल या नाख़ून
- अनियमित माहवारी या बच्चा होने में मुश्किल
- मूड में बदलाव — एंग्ज़ायटी या डिप्रेशन जो दवा से भी ठीक न हो
- कोलेस्ट्रॉल जो कोशिश के बावजूद कम न हो
- नींद में परेशानी या लगातार क़ब्ज़
फ़िज़िशियन की निगरानी में हार्ट की देखभाल
हार्ट की कई समस्याएँ शुरू में रोज़मर्रा के लक्षणों जैसी ही लगती हैं — सीढ़ी चढ़ते समय हाँफ चढ़ना, छाती में हल्की बेचैनी, धड़कन तेज़ होना, टख़नों में सूजन। फ़ैमिली फ़िज़िशियन अक्सर पहली मुलाक़ात का स्थान होते हैं, और जल्दी पकड़ में आने पर ज़्यादातर समस्याएँ अच्छे से सँभाली जा सकती हैं।
क्लीनिक में हार्ट से जुड़ी जो समस्याएँ देखी जाती हैं:
- हाइपरटेंशन — जाँच, क़ाबू में रखना, और लंबा फ़ॉलो-अप
- लिपिड मैनेजमेंट — कोलेस्ट्रॉल और जोखिम के कारक
- हार्ट अटैक के बाद की देखभाल — दवा, जीवनशैली, फ़ॉलो-अप
- धड़कन से जुड़ी समस्याएँ — पाल्पिटेशन, अनियमित नब्ज़
- कॉरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ का मैनेजमेंट
- ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी तकलीफ़ें
- फ़ैमिली हिस्ट्री हो तो जोखिम कम करने का मार्गदर्शन
क्लीनिक में उपलब्ध डायग्नोस्टिक उपकरण: ईसीजी (12-लीड), ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट, और हॉल्टर मॉनिटर — 24 या 48 घंटे की धड़कन रिकॉर्डिंग के लिए। 2डी इको अपॉइंटमेंट के आधार पर क्लीनिक में उपलब्ध है।
क्लीनिक की सुविधाएँ
- पाँच बेड, जिनमें एक प्राइवेट एसी रूम छोटे ऑब्ज़र्वेशन के लिए
- मल्टी-चैनल ईसीजी
- ग्लूकोमीटर से ब्लड शुगर मॉनिटरिंग
- ऑन-साइट लैब सैंपल कलेक्शन
- कंप्यूटराइज़्ड ट्रीटमेंट रिकॉर्ड — आपकी हिस्ट्री आपके साथ
- अपॉइंटमेंट के आधार पर 2डी इको
हम तक कैसे पहुँचें
स्लॉट बुक करने के लिए इस वेबसाइट का उपयोग करें, या क्लीनिक के समय के दौरान फ़ोन करें। हर अपॉइंटमेंट वॉट्सऐप पर कन्फ़र्म होता है।